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थक कर बैठा हूँ, हार कर नहीं..
सिर्फ बाज़ी हाथ से निकली है…ज़िन्दगी नहीं..!
चलो थोड़ा अकेला जिया जाएं,
दिल दुखाने वालों से थोड़ा किनारा किया जाएं…
जेब में लाखों हो तो लाखों देने वाले “लाखों” मिलेंगे…

By rutvi

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