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“जैसा करोगे वैसा मिलेगा। ये मैं नहीं, कर्मा कहती है।”
“एक लम्हें में सिमट आया सदियों का सफ़र,
ज़िन्दगी तेज़ बहुत तेज़ चली हो जैसे…”
“हर चीज का जवाब मिलता यहां,
बस पूछने वाले की नियत सही होनी चाहिए।”
“रिश्ते ढूंढने पड़ते हैं यहां इश्तेहारों में,
इंसान भी बिकते हैं यहां बाज़ारों में II”
कहाँ शिकायत करूं कि, मैं परेशान हूँ खुद से।”
“अगर तुम किसी को आसानी से मिल जाओगे तो वो तुम्हें सस्ता समझ लेंगे।”
“आईना छोड़ो, आजकल मैं सपने में भी
खुद को ही देखता हूँ।”
“जो अपने आप को नहीं बदल सकते,
उनके लिए कुछ नहीं बदलता II”
“इंसान खुद जिम्मेदार है अपनी अच्छाई और बुराई का।”
“अपने आप को खर्च करना पड़ता है, पैसा कमाने के लिए।”

By rutvi

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